Dr. B R Ambedkar in Hindi, डॉ भीमराव अम्बेडकर का जीवन परिचय
Dr. B R Ambedkar in Hindi,
Dr. B R Ambedkar, डॉ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर जिनका जन्म हुआ अछूत जाति में हुआ था। ये बाबा साहेब के नाम से लोकप्रिय थे। ये भारतीय विधिवेत्ता, एक अच्छे अर्थशास्त्री,राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक थे। इन्होने 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। इन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ सामाजिक भेद भाव के विरुद्ध अभियान चलाया। इन्होने उम्र देश की अनुसूचित जातियों को हक दिलाने में बिता दी और श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री एवं भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार थे। इनको 1990 में भारत रत्न और भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मरणोपरांत पर सम्मानित किया गया था।
एक सुरक्षित सेना एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है - Dr. B R Ambedkar
प्रारंभिक जीवन (PRIMERY LIFE OF DR. BR AMBEDKER)
डॉ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर का जन्म ब्रिटिश भारत के मध्य भारत प्रांत (जो अब मध्य प्रदेश में) में स्थित नगर सैन्य छावनी महू में हुआ था। ये रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई के घर चौदहवीं और आखिरी संतान पैदा हुई थी। आंबेडकर जी गौतम बुद्ध की शिक्षाओं से काफी प्रभावित हुए। स्कूल की पढ़ाई में अव्वल होने के बावजूद भी भीमराव को अस्पृश्यता के कारण बहुत सी कठनाइयों का सामना करना पड़ता था। 14 अप्रैल 1891 के दिन मध्यप्रदेश के महू. नाम रखा गया ‘भीमराव अंबाडवेकर’। जो समय के साथ-साथ ‘बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर’ बन गया।
उच्च शिक्षा (HIGH EDUCATION OF DR. BR AMBEDKER)
भीमराव अम्बेडकर को करीब 9 भाषाओं का ज्ञान था। उन्होनें 21 साल तक लगभग सभी धर्मों की पढ़ाई की थी। गायकवाड शासक ने संयुक्त राज्य अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय मे जाकर अध्ययन के लिये भीमराव आंबेडकर का चयन किया गया। न्यूयॉर्क शहर में आने के बाद, डॉ॰ भीमराव आंबेडकर को राजनीति विज्ञान विभाग के स्नातक अध्ययन कार्यक्रम में प्रवेश दिया गया। डॉ॰ आंबेडकर ने लंदन जाकर ग्रेज् इन और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स में कानून का अध्ययन किया प्रथम विश्व युद्ध के समय इन्होने बड़ौदा राज्य में सेना सचिव के रूप में कार्य किया। कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा पीएच.डी. की पढाई पूरी की। अंबेडकर के पास कुल 32 डिग्री थी। वो पहले भारतीय थे जिन्होंने विदेश जाकर अर्थशास्त्र में P.H.D. की। नोबेल प्राइज जीतने वाले अमर्त्य सेन अर्थशास्त्र में इन्हें अपना पिता मानते थे।
छुआछूत के विरुद्ध संघर्ष (STRUGGLE AGAINST UNTOUCHABILITY)
भीमराव अम्बेडकर हिंदू महार जाति के थे। जिसे अछूत माना जाता था। डॉ॰ अम्बेडकर ने छुआछूत के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने आंदोलनों और जुलूसों के माध्यम से पेयजल के सार्वजनिक संसाधन समाज के सभी लोगों के लिये खुलवाये और साथ ही उन्होनें अछूतों को भी हिंदू मंदिरों में जाने का अधिकार दिलाने के लिये भी संघर्ष किया। उन्होंने महड में अस्पृश्य समाज को भी शहर की पानी की मुख्य टंकी से पानी लेने का अधिकार दिलाने कि लिये आन्दोलन चलाया।
राजनीतिक जीवन
दिनांक 13 अक्टूबर 1935 को अम्बेडकर जी सरकारी लॉ कॉलेज का प्रधानचार्य नियुक्त हुए और इस दो वर्ष तक इस पद पर कार्य किया। इसी साल उनकी पत्नी रमाबाई की एक लंबी बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। सन 1936 में, अम्बेडकर ने अपनी पार्टी स्वतंत्र लेबर की स्थापना की, जो की सन 1937 में केन्द्रीय विधान सभा चुनावों मे 15 सीटें जीत कर सफल हुई।
संविधान निर्माण (CONTRIBUTION OF BR. AMBEDKER IN CONSTITUTION)
भारत की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार अस्तित्व मे आई तो अम्बेडकर जी को देश का पहला कानून मंत्री आमंत्रित किया। 29 अगस्त 1947 को अम्बेडकर को स्वतंत्र भारत के लिए नया संविधान बनाने हेतु, संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया। 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने संविधान को अपना लिया। और हमारा सविधान 26 जनवरी 1950 को लागु किया गया। झंडे में अशोक चक्र लगवाने वाले भीमराव अम्बेडकर ही थे।
मृत्यु
सन 1948 से लगातार अम्बेडकर जी मधुमेह रोग से पीड़ित थे। जून से अक्टूबर 1954 तक वो बहुत अधिक बीमार रहे। 6 दिसम्बर 1956 को अम्बेडकर का दिल्ली में उनके घर मे ही निधन हो गया। 7 दिसंबर को मुंबई में दादर चौपाटी समुद्र तट पर बौद्ध शैली मे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार के समय उन्हें साक्षी रखकर लगभग 10,00,000 अनुयायीओं ने बौद्ध धर्म को अपनाया, ऐसा विशव इतिहास में पहिली बार हुआ।
भीमराव अंबेडकर जी के बारे में कुछ गज़ब रोचक तथ्य
- किसी भी फैक्ट्रियों और कारखानों में ड्यूटी का समय 8 घंटे रहता है, ये सब भीमराव अंबेडकर की देन है। इससे पहले मजदुर को 12 से 14 घंटे काम करना पड़ता था। जिसका भीमराव अंबेडकर जी ने कड़ा विरोध किया।
- भीमराव अंबेडकर जी ने संविधान का निर्माण किया और सविधान समिति के अध्यक्ष भी रहे। इसलिए इनको संविधान का निर्माता कहा जाता है।
- Dr. B R Ambedkarआजाद भारत के सबसे पहले कानून मंत्री थे। जिसके लिए कांग्रेस सरकार ने उन्हें आमंत्रित किया था।
- भीमराव अम्बेडकर जी के खिलाफ भारत के काफी नेता थे। क्योंकि ये कश्मीर में लगी धारा 370 के बिल्कुल खिलाफ थे। कश्मीर में धारा 370 लगवाने के पीछे नेहरू का हाथ था।
- बिहार और मध्यप्रदेश का विभाजन जरूरी है यह बाबा साहेब ने 50वें के दशक में कहा था। लेकिन उस समय उनकी बात सरकार ने अनसुनी कर दी स्वत फिर सन् 2000 में विभाजन करना पड़ा और नए दो राज्य झारखंड व छतीसगढ़ बनें।
- भीमराव अंबेडकर जी अपनी जिंदगी में 2 बार लोकसभा चुनाव में असफल रहे।
- अम्बेडकर जी को छुआछुत और भेदभाव के कारण हिंदू धर्म से नफरत थी। क्योंकि इस धरम में जातिप्रथा को काफी माना जाता था। इसलिए उन्होनें गुस्से में कहा ‘मैं हिंदू पैदा तो हुआ था लेकिन हिंदू मरूंगा नही।
- Dr. B R Ambedkar हिन्दू धर्म को छोड़ दिया था और उन्होंने कहा था में कभी हिन्दू देवी देवताओ की पूजा नहीं करूँगा। उन्होंने इसके लिए 22 वचन भरे थें।
- Dr. B R Ambedkar ने 1956 में अपना धर्म बदल लिया था। उन्होंने बौद्ध धर्म को अपना लिया था और लाखों दलितों ने उनके साथ मिलकर बौध धर्म को अपना लिया था।
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ReplyDelete[…] […]
ReplyDeleteDr.BhimRav Abekar ke bare me padhkar bahut accha laga . thanks for nice post sharing.......
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