Mahatma Gandhi Biography, महात्मा गांधी जीवन परिचय
Important about Mahatma Gandhi Biography
Mahatma Gandhi Biography, महात्मा (जिसका अर्थ है महान आत्मा), महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। इनका जन्म 2 अक्टूबर के दिन 1869 पोरबन्दर, काठियावाड़ में हुआ था। इनका नाम भारत के इतिहास के पन्नो में सदा के लिए अमर रहेगा। गांधी जी देश-विदेशों में प्रसिद्ध रहे है। 30 जनवरी 1948 में एक अंग्रेगी सख्स नत्थू राम गोडसे ने गोली मारकर इनकी गांधी की हत्या कर दी। लेकिन जो स्वतंतत्र भारत का सपना इन्होने अपनी आँखों में सजोया था। वो सपना साकार करने के बाद प्रभु के चरणों में लीं हो गए।
Mahatma Gandhi Biography
गाँधी जी के बारे में 33 गज़ब क्नोलेजे भरी बाते:-
- नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने 6 जुलाई 1944 को गान्धी जी को रंगून रेडियो के से नाम जारी प्रसारण में उन्हें राष्ट्रपिता कहकर सम्बोधित किया था।
- गाँधी जी ने साबरमती आश्रम में अपना जीवन गुजारा और भारतीय पोशाक धोती व सूत से बनी शाल पहनी, इसको व खुद चरखे पर सूत कातकर हाथ से बनाते थे।
- गाँधी जी ने सादा शाकाहारी भोजन खाया और आत्मशुद्धि के लिये लम्बे-2 व्रत रखे।
- महात्मा गांधी जी शुरुआत से बहादुर और विख्यात नेता नहीं थे।उन्होंने अपनी आत्मकथा में स्वयं लिखा हुआ है व बचपन में वह बहुत शर्मीले थे और कभी-2 स्कूल से भी भाग जाते थे।
- उन्होंने राजकोट के हाईस्कूल में पढ़ाई की। और राजकोट में ही उनकी सगाई कस्तूरबाई से हुई। सन 1883 में कस्तूरबाई से विवाह हुआ।
- 1887 में मैट्रिक पास करने के बाद उन्होंने भावनगर के सामलदास कॉलेज में प्रवेश लिया और एक सत्र बाद कॉलेज छोड़ दिया।
- गांधी जी के जन्म दिवस 02 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र ने (वर्ल्ड नॉन- वोइलेंस डे) विशव अहिंसा दिवस घोषित किया है।
- रवीन्द्र नाथ टैगोर जी को गांधी जी ने गुरुदेव की उपाधि दी थी। गांधी जी को महात्मा की उपाधि रवीन्द्र नाथ टैगोर ने दी थी।
- गांधी जी को 1930 में अमेरिका की टाइम मैगजीन ने (मैंन ऑफ़ थे इयर) का पुरुस्कार दिया था।
- सन 1888 प्रथम पुत्र सन्तान पैदा हुई उसके बाद, सितम्बर में वकालत पढ़ने के लिए इंग्लैण्ड चले गए। 1891 में वकालत की पढ़ाई पूरी कर देश लौटे तभी उनकी माता पुतलीबाई का निधन हो गया, उसके बाद उन्होंने बम्बई तथा राजकोट में वकालत आरम्भ की।
- महात्मा गांधी अपने जीवन में इंग्लैंड तो गए। लेकिन कभी अमेरिका नहीं गए और ना कभी एयर प्लेन में बैठे।
- भगत सिँह की फांसी के सम्बन्ध में गांधीजी रोक लगा सकते थे। यह लोगो की अवधारणा है। जबकि गांधीजी ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।
- गांधी जी इतनी ऊँची सोच रखते थे। एक बार उनका एक जूता चलती ट्रेन से गिर गया, उन्होंने तुरंत दूसरा जुता फैक दिया। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा मेरे दोनों जुत्ते किसी के कम आ सकते है। एक जूता न मेरे कम का और ने किसी दुसरे के कम का।
- गांधी जी दक्षिण अफ्रीका में अपनी वकालत के दम पर 15000 डॉलर की सालाना कमाई कर लेते थे। वे वहां के सबसे सफल वकील भी रहे।
- गांधी जी ने स्वयं अपनी आत्मकथा गुजराती भाषा में लिखी थी।
- बहुत कम लोगो को पता है, गाँधी जी, रविंदर नाथ टैगोर की भांजी सरला से बहुत प्रेम करते थे। इस पर एक कहावत बनी 'बूढ़े भी इश्क करते है।'
- आज़ादी की लड़ाई दौरान गांधी जी ऐसे शख्स थे, जिनकी लड़ाई के दौरान बहुत कम तस्वीरे दिखाई थी।
- गांधी जी स्वदेशी वस्तओं को अपनाना ज्यादा पसंद करते थे और उसके बहुत कट्टर समर्थक थे। स्वतंत्रता की लड़ाई दौरान उन्होंने पहला डाक टिकट स्विट्जरलैंड में छपवाया था।
- गांधी जी के बेटे ने अपने परिवार का साथ छोड़ कर इस्लाम धर्म को अपना लिया था। गाँधी जी इसके विरुद्ध थे।
- टाइम्स मगज़ीन द्वारा 1999 में गांधी जी को 19वीं सदी में दूसरा सबसे अधिक प्रभावशाली व्यक्ति बताया गया था। जबकि अल्बर्ट आइंस्टीन 19वीं सदी का पहला प्रभावशाली व्यक्ति था।
- गाँधी जी हिंदी भाषा के अनूयायी थे। वे अपनी मात्र भाषा से बहुत प्यार करते थे। भारत को आज़ादी मिले के बाद अंग्रेज पत्रकार उनसे अंग्रेजी में बात करने लग गए तो उन्होंने कहा मेरा देश अब आजाद हो गया है अब मैं केवल हिन्दी भाषा ही बोलूँगा।
- सन 1948 में गाँधी जी नोबल पुरुस्कार के पात्र थे। लेकिन पुरुस्कार मिलने से पहले उनकी हत्या हो गई। इससे पहले गाँधी जी का नाम 5 बार नोबल पुरूस्कार के लिए नामांकित हुए।
- गाँधी जी के पास एक घडी थी। जिससे वह समय का पूरा ध्यान रखते थे। व समय के पाबंद थे। उनकी घड़ी मात्र एक डॉलर की थी। किसी भी कम के लिए समय से 10 मिनट पहले पहुच जाते थे।
- जब नाथू राम गोडसे ने गाँधी जी को तीन गोलिया मारी थी। तब अंतिम समय उनके मुंह से निकला शब्द था राम, राम।
- पंडित नेहरु जी ने गांधी जी की मृत्यु पर रेडियो द्वारा राष्ट्र को संबोधित किया और कहा अब राष्ट्रपिता नहीं रहे।
- जिस वाहन को सन 1948 में गाँधी जी के अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया था, उसी वाहन को 1997 में मदर टेरेसा के अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया था।
- गाँधी जी की शवयात्रा के साथ लगभग दस लाख लोग चल रहे थे। करीब पंद्रह लाख लोग रस्ते में खड़े थे। इस शवयात्रा को भारत की आजादी के बाद की सबसे बड़ी यात्रा कहा गया था।
- गाँधी जी ने सन 1913 में रंगभेद तथा दमनकारी नीतियों के विरूद्ध सत्याग्रह जारी रखा और ‘द ग्रेट मार्च' का नेतृत्व किया। इसमें 2000 भारतीय खदान कर्मियों ने न्यूकासल से नेटाल तक की पदयात्रा की।
- गाँधी जी ने सन 1913 में करीब 21 वर्षों के प्रवास के बाद जनवरी में स्वदेश लौटे। इसके बाद मई में कोचरब में सत्याग्रह आश्रम को 1917 में साबरमती नदी के पास स्थापित किया।
- गाँधी जी ने सन 1921 में बम्बई में विदेशी वस्त्रों का विरोथ किया और उनकी होली जलाई। साम्प्रदायिक हिंसा के विरुद्ध बम्बई में उन्होंने 5 दिन का उपवास किया। उसके बाद इन्होने व्यापक अवज्ञा आन्दोलन शुरु किया।
- लाहौर कांग्रेस अधिवेशन 1929 में 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस घोषित किया गया और पूर्ण स्वराज की मांग की व इसके लिए आन्दोलन आरम्भ।
- 12 मार्च 1930 को गाँधी जी ने नमक सत्याग्रह दांडी मार्च की यात्रा की। गांधी जी ने नमक पर कर लगाए जाने के विरोध में लगातार 24 दिनों तक 400 किलोमीटर का सफर तय किया।
- सन 1948 में 30 जनवरी के दिन नाथूराम गोडसे ने शाम की प्रार्थना के लिये जाते समय बिड़ला हाउस में इस महान आत्मा की हत्या कर दी। Mahatma Gandhi Biography
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