सचिन तेंदुलकर से जुड़े रोचक तथ्य, Sachin Tendulkar In Hindi
Interesting facts about Sachin Tendulkar,सचिन तेंदुलकर से जुड़े रोचक तथ्य
Sachin Tendulkar, क्रिकेट के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। इन को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है। यह बहुत कम उम्र वाले सर्वप्रथम भारतीय क्रिकेटर हैं। उन्होंने अपने नाम इतने रिकॉर्ड बनाए हैं। जिसके लिए इनको सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी में गिना जाता है। लोग इन्हें गॉड ऑफ क्रिकेट के नाम से भी जानते हैं। इनको 2008 में पदम विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। यह क्रिकेट खेलने वालों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत हैं। इसलिए इनको मास्टर ब्लास्टर के नाम से भी जाना जाता है।
Sachin Tendulkar In Hindi
सचिन रमेश तेंदुलकर का जन्म एक मराठी ब्राह्मण परिवार में 24 अप्रैल 1973 को हुआ था। उनके पिता रमेश तेंदुलकर ने अपने पुत्र का नाम अपने चहेते संगीतकार देवबर्मन के नाम पर रखा था। इनको क्रिकेट का हुनुर गॉड गिफ्टेड था। इनको क्रिकेट के लिए आकर्षित इनके भाई अजीत तेंदुलकर ने किया था। क्रिकेट की शुरुआती जानकारी इनको क्रिकेट के द्रोणाचार्य रमाकांत आचरेकर ने दी थी। इनका जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ और इन्होंने अपनी शिक्षा-दीक्षा मुंबई के शरदाश्रम विश्वविद्यालय में की थी।
Sachin Tendulkar In Hindi
सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है। सचिन तेंदुलकर के आउट होते ही भारत देश के आधे लोग टेलीविजन देखना बंद कर देते थे। क्रिकेट के काफी अच्छी बैट्समैन Don Bradman, Brian Lara और भी कई काफी अच्छे बैट्समैन है, लेकिन मास्टर ब्लास्टर की उपाधि तो चेन तेंदुलकर को ही मिली और गॉड ऑफ क्रिकेट सचिन तेंदुलकर को ही कहा जाता है।
सचिन तेंदुलकर से जुड़ी कुछ खास बाते-
- यह बहुत कम लोगो को पता है, सचिन तेंदुलकर के पिता रमेश तेंदुलकर की दो शादिया हुई थी, और सचिन तेंदुलकर दूसरी पत्नी के पुत्र है। रमेश तेंदुलकर की पहली पत्नी के तीन बच्चे अजीत, नितिन और सविता ये तीनों सचिन तेंदुलकर से उम्र में बड़े है।
- स्कूल टाइम में सचिन तेंदुलकर बड़ा पाव खाने के शोकिन थे, इसके ऊपर व कॉम्पीटीशन भी रख लेते थे। विनोद कांबली उनसे कई बार हार चुके थे।
- अतुल रानाडे ने शुरुआत में उनके घुंघराले बाल देखकर उन्हें लड़की समझ लिया था।
- सचिन तेंदुलकर के पास ऐसे 13 सिक्के हैं जो उसे उनके कोच ‘रमाकांत अचरेकर’ ने बिना आउट हुए खेलने पर दीये थे।
- एक बार सन 1988 में सचिन तेंदुलकर ने मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में पाकिस्तान के लिए फ़ील्डिंग की थी। यह एक दिवसीय अभ्यास मैच था।
- सुनील गवास्कर ने उन्हें बहुत ही हल्के पैड तोहफे में दिए थे। लेकिंग अंडर 15 टीम के कैंप के दौरान इंदौर में वे पैड गुम हो गए थे। उस समय उनकी उम्र लगभग 14 साल थी।
- सचिन को नींद में चलने की बीमारी है। इस बात का खुलासा उन्होंने एक बार एक इंटरव्यू के समय किया था। उनकी इस बीमारी से उनके घरवाले और टीम के साथी खिलाड़ी परेशान रहते हैं।
- सचिन Autograph देने के लिए वे बायें हाथ का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बल्लेबाजी दायें हाथ से करते थे। बॉलिंग करते वे दायें हाथ से बॉलिंग करते थे।
- सचिन को गेंदबाजी छोड़ बल्लेबाजी पर ध्यान देने की सलाह MRF के फाउंडर लिली ने दी थी। लिली ने कुछ खिलाड़ियों को तेज़ गेंदबाज़ बनने से मना किया था।
- सचिन मात्र 14 वर्ष की आयु में मुंबई की रणजी टीम में खेलने लग गए थे। ये कम उम्र में मुंबई की रणजी टीम में खेलने वाले पहले खिलाड़ी थे।
- 1996 में हुए विश्वकप के दौरान सचिन तेंदुलकर का बल्ला किसी कंपनी का नहीं था। विश्वकप के तुरंत बाद MRF कम्पनी ने उनके बल्ले पर अपना लोगो लगा दिया था।
- सचिन तेंदुलकर भारत के एकमात्र बल्लेबाज़ हैं, जिन्होंने रणजी, दलीप और ईरानी ट्राफ़ी के पहले ही मैचों में शतक बनाये थे। इनका यह रिकॉर्ड आज तक कायम है कोई नहीं तोड़ पाया है।
- सचिन तेंदुलकर ने जितने भी Ranji Match में खेले, उनकी टीम हर बार विजयी रही है। यह उनका रिकॉर्ड रहा है।
- सचिन मैदान में कदम रखते ही बल्लेबाजी करने से पहले वह सदा सूर्य देवता को नमस्कार करते थे।
- सन 1999 में इंनके पिताजी का निधन हुआ तो वह पिता की अन्त्येष्टि में शामिल होने के बाद तुरंत वापस मैच खेलने के लिए लौट गये। अगले मैच में सचिन ने शतक लगाकर अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि प्रदान की।
- 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन जोंटी रोड्स के थ्रो से आउट दिए जाने का मामला तीसरे अंपायर को रेफ़र कर दिया गया था। अंपायर कार्ल लाएबनबर्ग ने सचिन को आउट करार दे दिया था। Third Umpire द्वारा आउट करार दिए जाने वाले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हैं।
- सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली को ‘बाबू मोशाय’ पुकारते थे। हैं और सौरव गांगुली उन्हें ‘छोटा बाबू’ कह कर बुलाते थे।
- सचिन तेंदुलकर ने 5000 वां, 10000 वां रन भारतीय ईडन गार्डन्स पर पर विरोधी टीम पाकिस्तान के खिलाफ बनाए थे। ये बात काफी दिलचस्प है।
सचिन तेंदुलकर के मोटिवेशनल विचार
- क्रिकेट मेरा पहला प्यार है, मैं क्रिकेट में हार से बहुत नफ़रत करता हूँ।
- मैदान के अन्दर और बाहर हर किसी का खुद को पेश करने की शैली और तरीका अलग-2 होता है।
- मैंने कभी भी खुद को किसी भी लक्ष्य के लिए मजबूर नहीं किया और न ही कभी अपनी तुलना किसी और से की है।
- मैं क्रिकेट को बड़ी आसानी से लेता हूँ, गेद पर नजर बनाये रखता हु और उसे अपनी पूरी योग्यता से खेलता हु।
- मैं जब भी क्रिकेट खेलता हूँ, तो मैं क्रिकेट के अलावा और कुछ नहीं सोचता।
- मैं कभी भी बहुत दूर की नहीं सोचता क्योंकि मैं एक वक्त पर एक ही चीज के बारे में सोचता हूँ।
- एक बार जब मैं फील्ड में पहुँचता हूँ तो वह मेरे लिए एक अलग क्षेत्र है और मेरी जीतने की भूख वहां हमेशा होती है.
- एक खिलाडी हूँ राजनेता नहीं, मैं क्रिकेट छोड़कर पॉलिटिक्स में नहीं जा रहा.क्रिकेट मेरी जिन्दगी है।
- किसी भी एक्टिव खिलाडी को अपना ध्यान अपने लक्ष्य पर केन्द्रित करना होगा और अपने मन को सही दिशा में लगाना होगा क्योंकि अगर आपका फोकस कही और होगा तो आपको अच्छा रिजल्ट प्राप्त नहीं हो सकता।
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ReplyDelete[…] पारियां खेली है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था जिन्होंने 197 पारियां खेली और […]
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